
श्यामसुंदर जल और उनकी पत्नी कसूरी सड़क पर पड़े लावारिस बच्चों को अपने अनाथ आश्रम लेकर आते हैं, उनका पालन-पोषण करते हैं, पढ़ाई से लेकर अन्य जरूरतों का पूरा ख्याल रखते हैं। जब ये शादी करने लायक हो जाते हैं तो उनका घर भी बसाते हैं।
from Navbharat Times http://bit.ly/2QcRfAA
Comments
Post a Comment