
18वें एशियाई खेलों की कुराश प्रतियोगिता में भारत को सिल्वर दिलवाने वालीं पिंका बलहारा के लिए यह सफर आसान नहीं रहा। एशियन गेम्स में आने से पहले उन्होंने अपने परिवार के एक नहीं बल्कि 3 सदस्यों की मौत देखी, जिसने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया था। लेकिन अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए पिंकी ने खुद को संभाला और देश के लिए मेडल जीता।
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